命中注定我爱你
原创 上海“最阴森”的旅游景点,曾经是屠宰场,文艺青年却疯狂追捧?_我的网站

一 | जागरण संवाददाता, कानपुर। जलभराव के चलते जीटी रोड के गड्ढे खत्म नहीं हो पा रहे हैं। इस समस्या के निदान के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच ने मेट्रो को पत्र भेजकर डिवाइडर काटने की अनुमति मांगी थी,लेकिन मेट्रो ने इन्कार कर दिया था, हालांकि बाद में प्रशासनिक दबाव के बाद मेट्रो ने डिवाइडर काटने की अनुमति प्रदान कर दी है। पीडब्ल्यूडी एनएच के इंजीनियरों का कहना है कि डिवाइडर काटने से जलभराव नहीं होगा।,21 किमी लंबे जीटी रोड जलभराव और गड्ढों से निजात दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच कार्रवाई शुरू कर दी है। इंजीनियरों ने जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए उन स्थानों में मेट्रो के डिवाइडर काटना शुरू कर दिए हैं, जहां पर जलभराव के कारण रोड पर गड्ढे बन रहे हैं। पहले पीडब्ल्यूडी एनएच ने मेट्रो के अधिकारियों से डिवाइडर काटने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मेट्रो ने इससे इन्कार कर दिया था।,समस्या बढ़ते देख पीडब्ल्यूडी एनएच के इंजीनियरों के पत्र पर अनुमति प्रदान कर दी। अनुमति मिलते ही जीटी रोड पर विश्वविद्यालय से एसपीएम मेट्रो स्टेशन तक तीन जगहों पर डिवाइडर काटकर पानी निकालने का स्थान बना दिया गया है।
जलभराव की वजह से जीटी रोड पर हुए गड्ढे। जागरण इंजीनियरों का कहना कि गोल चौराहे तक जहां पर भी जलभराव होगा वहां पर डिवाइडर काटे जाएंगे, ताकि जीटी रोड पर जलभराव की समस्या को खत्म किया जा सके। हालांकि गोल चौराहे से लेकर बेनाझाबर तक रोड पर यही समस्या है। मेट्रो की लाइन से पानी रोड पर गिरने के कारण रोड पर खराब होने के साथ ही गड्ढे बन रहे हैं।,इस समस्या से निजात के लिए पीडब्ल्यूडी ने मेट्रो को लोहे के पाइप लगाने की सलाह भी दी है, ताकि रोड को खराब होने से बचाया जा सके। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का आरोप है कि मेट्रो ने ड्रेनेज सिस्टम बेहतर करने को लेकर कोई काम नहीं किया है, जिसके कारण सड़के खराब हो रही हैं। इसको लेकर मेट्रो के अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने चाहिए।,पीडब्ल्यूडी एनएच के इंजीनियरों ने आरोप लगाया है कि जीटी रोड पर पैच बनने के बाद टिक नहीं पा रहे हैं। औसतन 12 घंटे में कच्चे पैच खराब हो रहे हैं। मौजूदा समय में जीटी रोड में सबसे ज्यादा 65 हजार से ज्यादा पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) का लोड पड़ रहा है। जिसके कारण रोड टूटने के साथ ही पैच भी नहीं टिक पा रहे हैं। बीते एक सप्ताह में पीडब्ल्यूडी एनएच ने पैच बनाने का कार्य किया है, लेकिन कोई भी पैच 12 घंटे की ज्यादा अवधि तक नहीं रुक पा रहा है। इंजीनियरों का कहना है कि लगातार बारिश और उखड़ते पैच के कारण परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में बिटुमिन पैच बनाना मुश्किल है।,यह भी पढ़ें- Etawah News: प्रेमिका ने बात करना क्या बंद की प्रेमी ने उठाया ये कदम, शोले स्टाइल में टावर पर चढ़ा वर्ष 2016 में जीटी रोड़ का चौड़ीकरण किया था। लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता विनोद कुमार सिंह ने रोड चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था। रोड निर्माण और चौड़ीकरण में नौ करोड़ धनराशि खर्च हुई थी। साल 2021 में जीटी रोड का 14 करोड़ रुपये लागत से मेट्रो रोड ने निर्माण कराया था। बीते छह सालों में जीटी रोड निर्माण में 23 करोड़ खर्च किए गए हैं। वहीं इसी वर्ष जून माह में पीडब्ल्यूडी एनएच ने 21 किमी जीटी रोड के साथ ही हरदोई और कन्नौज की दो सड़कों को मिलाकर 53 किमी रोड के लिए 41 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। लखनऊ की एमवीडी फर्म को यह टेंडर मिला है। कंपनी ने रोड मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण यह रोड गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।,यह भी पढ़ें- UP Kanpur News: सिपाही साथ में लेकर धौंस दिखाता फर्जी दरोगा, ससुराल में भी रंगबाजी, चालकों से करता वसूली
- प्रवीण कुमार, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच
- अरुण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच
जीटी रोड का निर्माण बारिश बंद होते ही शुरू कर दिया जाएगा। ट्रैफिक लोड अधिक होने के कारण कच्चे पैच भी ज्यादा देर तक नहीं रुक रहे हैं। पैच बनने के बाद ट्रैफिक रोकना भी जीटी रोड पर मुश्किल है। सितंबर माह से रोड का निर्माण शुरू हो जाएगा। समस्या का निराकरण करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अरूण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच
हैलट से लेकर बनाझाबर तक मेट्रो लाइन से नीचे पानी गिरने के कारण रोड खराब हो रही है। पैच बनाने के बाद ज्यादा देर तक टिक नहीं रहे हैं। मेट्रो के अधिकारियों को लोहे के पाइप लगाकर पानी को समुचित निकालने का सुझाव दिया है, ताकि रोड को सुरक्षित रखा जा सके। अनूप कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता,पीडब्यूडी
जीटी रोड में जलभराव की समस्या से निजात के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच के अधिशासी अभियंता का पत्र मिला था, जिसमें डिवाइडर काटने की अनुमति मांगी गई थी। गंभीर समस्या को देखते हुए उन्हें अनुमति प्रदान की गई है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी एनएच इन डिवाइडरों को बनाने की जिम्मेदारी भी ली है। पंचानन मिश्र, जनसंपर्क अधिकारी, मेट्रो
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提起上海,大多数人的第一印象应该都是繁华璀璨的国际化大都市。外滩霓虹流转、陆家嘴高楼林立、南京路热闹喧嚣,百年“十里洋场”的摩登与精致,成为这座城市的经典标签。但除去繁华滤镜,上海其实还藏着许多小众独特的旅游景点,自带别样的历史底蕴与氛围感,坐落于虹口区的1933老场坊便是其中最特别的一处。
1933老场坊的前身是上海工部局宰牲场,位于虹口区沙泾路,1933年由工部局出资筹建,由英国著名设计师巴尔弗斯操刀设计,搭配国内顶尖建筑营造团队倾力打造,是民国时期上海极具规模与代表性的工业建筑。
历经百年岁月更迭,这座老旧工业建筑完成华丽蜕变,如今变身颇具格调的文创产业园。

二 | 园区内入驻了各式文创小店、创意设计公司、小众网红咖啡馆,文艺氛围拉满。独特的复古工业风建筑、错落别致的空间结构、高级的冷色调质感,吸引了无数文艺青年、摄影爱好者专程前来打卡拍照,也成为了上海极具辨识度的“网红景点”。
但看似清新文艺的打卡圣地,背后却藏着让人不寒而栗的过往。要知道,这里曾经是大型屠宰场,是老上海的牲畜屠宰加工核心场地,常年充斥着血腥与喧嚣,自带阴森压抑的底色。如今改造升级,为了完整保护历史遗迹,施工方最大限度保留了建筑原始结构与风貌,没有进行大面积翻新改造,原汁原味保留了百年前的建筑样貌。
整座建筑以灰黑色调为主,冷硬的水泥墙体、交错的廊道楼梯、错落的镂空结构,自带清冷肃穆的氛围。园区内部光线偏昏暗,常年温度低于室外,没有热闹的商业喧嚣,静谧空旷的环境,让整座园区多了几分诡异疏离的氛围感,难怪好多初次到访的游客,会容易心生压抑之感。
独特的复古工业风、小众出片的场景搭配厚重的历史底蕴,让1933老场坊成为众多影视剧的取景地。

三 | 不少热门影视、综艺、时尚大片都在此取景拍摄,进一步带火了这个小众景点。

四 | 如今这里常年挤满拍照打卡的年轻人,大家穿梭在廊道之间,寻找最佳拍摄角度,定格文艺氛围感大片,热闹的打卡场景,与建筑阴森的“前世”形成极致反差。
也因此诞生了一个有趣的争议:很多尽情摆拍、氛围感十足的游客,或许并不知道这栋建筑物的过往历史。如果大家知道这里曾经是一处充满血腥的屠宰场,会不会心生隔阂,改变打卡的心态呢?当然,新旧风貌的强烈碰撞,也让这座建筑更充满了神秘独特的魅力。
更值得一提的是,上海这样一个颜值高、底蕴足、氛围感独特的“网红景点”,却全程免费对外开放,无需门票、随意进出。但相较于外滩、豫园、迪士尼等热门景点,1933老场坊虽然相对低调冷门,但也算是属于上海的小众宝藏旅游景点了。
那么,你有没有来过上海旅游?你是否打卡过这里的1933老场坊?知道这栋建筑阴森的过往历史之后,你会不会觉得这里的氛围很“阴森”?如果以后有机会,你还愿意来这栋反差满满的百年建筑走走看看吗?欢迎大家留言评论,分享看法哦!
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Published on:13:37:28